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भूपेश की श्रमिकाें को सौगात : रेलवे-बस में MST!, पढ़ें, और घोषणाएं

प्रदेश स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में की गई महत्वपूर्ण घोषणाएं की

रायपुर। श्रम दिवस पर आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा आज साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित प्रदेश स्तरीय श्रमिक सम्मेलन (State Level Labor Conference) में की गई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। इसमें बड़ी बात है कि अब किसी श्रमिक की मृत्यु होने पर जहां पहले एक लाख की रुपए मिलता था। अब इन्हें 5 लाख रुपए का अनुदान दिया जाएगा।

आइए और कुछ घोषणाओं पर नजर डालते हैं

1-मुख्यमंत्री निर्माण मजदूर मंथली सीजन टिकट कार्ड योजना के अंतर्गत ऐसे पंजीकृत निर्माण श्रमिक जो निर्माण कार्य के लिये अपने घर से अन्य स्थानों पर रेल/ बस के माध्यम से प्रतिदिन आना जाना (यात्रा) करते है। उन्हें मंडल द्वारा रेल मंडल एवं परिवहन विभाग तथा नगर निगम द्वारा निर्धारित दर अनुसार 50 कि0मी0 तक यात्रा हेतु मासिक टिकट कार्ड (MST) प्रदाय किया जायेगा, जिसके माध्यम से ऐसे श्रमिकों को यात्रा पर होने वाला संपूर्ण व्यय छ०ग० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल करेगा।

2-मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के अंतर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की कार्यस्थल में दुर्घटना मृत्यु पर देय सहायता राशि रूपये 1.00 लाख से बढ़ाकर रूपये 5.00 लाख तथा स्थायी दिव्यांगता पर देव सहायता राशि रूपये 50 हजार से बढ़ाकर रूपये 2.50 लाख किया जा रहा है। साथ ही अपंजीकृत श्रमिक कार्यस्थल पर दुर्घटना से मृत्यु होने पर रूपये 1.00 लाख सहायता प्रदान की जावेगी।

3-मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक आवास सहायता योजना :- मंडल द्वारा इस योजना के अंतर्गत अधिक से अधिक निर्माण श्रमिकों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से योजना के पूर्व प्रावधान को अधिक्रमित करते हुए नवीन आवास क्रय / नवीन आवास निर्माण के लिये एकमुश्त राशि रूपये 50,000/- अनुदान प्रदाय किया जावेगा।

4-दुर्घटना में चिकित्सा सहायता योजना इस योजना का नाम परिवर्तित होकर “मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक दीर्घायु सहायता योजना” के नाम से जाना जाएगा, साथ ही अब इस योजना अंतर्गत हृदय की शल्य क्रिया, गुर्दा का प्रत्यारोपण, लीवर का प्रत्यारोपण, मस्तिक की शल्य क्रिया, रीढ़ की हड्डी की शल्य क्रिया, पैर के घुटने की शल्य क्रिया, कैंसर ईलाज, लकवा ग्रसित जैसे गंभीर बीमारी से पीड़ित पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को शासन के अन्य योजनाओं के अतिरिक्त रूपये 20,000/- तक अनुदान प्रदाय किया जाएगा।

श्रमेव जयते नारे के साथ सीएम भूपेश ने किया संबोधित

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ‘श्रमेव जयते’ के नारे के साथ श्रम तिहार पर प्रदेश के किसानों और श्रमवीरों को संबोधित किया। उन्होंने कहा, हमारी सरकार ने खनन, कृषि, निर्माण एवं अन्य क्षेत्रों में कार्य करने वाले मजदूरों का हमेशा सम्मान किया है। पिछले 4 सालों में हमारी सरकार ने मजदूरों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। हमारी सरकार मजदूरों के खाते में सीधे पैसे डाल रही है, चाहे नोनी सशक्तिकरण योजना हो या अन्य योजनाएं। लॉकडाउन के समय में भी छत्तीसगढ़ के मजदूरों को काम मिला है छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में कभी मंदी नहीं आई। मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही है। छत्तीसगढ़ में 18 लाख 40 हजार से ज्यादा निर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया गया है।

नोनी से सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत 26 हजार से ज्यादा बेटियों को लाभान्वित किया गया है। 56 करोड़ रुपए से अधिक की राशि डीबीटी के माध्यम से श्रमिकों को आज प्रदान किया जा रहा है। हमारी सरकार 65 प्रकार के लघु वनोपजों खरीदी हो रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभान्वित करने के लिए राशि बढ़ाकर चार हजार रुपए प्रति मानक बोरा किया गया है। आज इस दिवस को बोरे बासी तिहार के रूप में मनाया जा रहा है हमारी सरकार ने गरीब के भोजन को भी सम्मान देने का कार्य किया है। छत्तीसगढ़ के परंपरागत गीत, नृत्य संगीत को संरक्षित करने का कार्य भी हमारी सरकार कर रही है, परंपरागत पर्व तीज त्यौहारों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने “गजब विटामिन भरे हुए हे छत्तीसगढ़ के बासी में” डॉ. खूबचंद बघेल की लिखी पंक्तियों के साथ अपनी बात की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि आज हमारे श्रमिकों का त्योहार है, आज हमारा प्रदेश जिस बढ़िया स्थिति में है उसकी वजह हमारे श्रमिकों का श्रम है। पिछले 4 साल से हमारी सरकार श्रमिकों और किसानों के लिए काम कर रही है। यह सहायता सीधे खाते में राशि जा रही है। इससे वे अपने पसंद की वस्तु खरीद सकते हैं। लॉकडाउन से जब दुनिया जूझ रही थी तब हमारे मजदूर काम कर रहे थे। हमारे प्रदेश ने उन कठिन दिनों में भी मंदी नहीं देखी, इसके पीछे आपका श्रम है।

नीले रंग की मोबाइल मेडिकल गाड़ी आती है और निःशुल्क इलाज हो जाता है। श्रमिकों की मृत्यु या दुर्घटना हो जाने पर राशि दी जा रही है। महिला श्रमिकों के लिए ई रिक्शा का अनुदान दिया जा रहा है। तेंदूपत्ता श्रमिकों के लिए मानदेय बढ़ा दिया गया है। तीज त्योहार हमारे श्रमिक भाई खूब मन से मनाते हैं। इसे प्रोत्साहन देने का काम हमारी सरकार द्वारा हो रहा है। आज का दिन हम बोरे बासी त्योहार के रूप में मनाया जा रहा है। पिछले साल सबने बोरे बासी खाई। श्रमिकों के भोजन का सम्मान किया। अपने खानपान के सम्मान का गौरव हमें है। करमा और ददरिया जैसे गीत श्रमिक गाते हैं। हम इन्हें केंद्र में लाये हैं।

 

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